दक्षिण अफ्रीका में जीती पहली सीरीज़


सेंचुरियन, 16 फरवरी (वार्ता): भारतीय कप्तान विराट कोहली के ‘तूफान’ ने दक्षिण अफ्रीका को उड़ा दिया। तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर (52 रन पर चार विकेट) के करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद विराट (नाबाद 129) के 35वें शतक से भारत ने  दक्षिण अफ्रीका को छठे और अंतिम वनडे में शुक्रवार को आठ विकेट से रौंद कर 5-1 से सीरीज जीत ली। दक्षिण अफ्रीकी सरज़मीं पर भारत ने यह पहली शृंखला जीती है और उप-महाद्वीप के बाहर यह सबसे बड़ी जीत है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 46.5 ओवर में 204 रन पर ढेर करने के बाद विराट की तूफानी शतकीय पारी से 32.1 ओवर में दो विकेट पर 206 रन बनाकर एकतरफा जीत हासिल कर ली। विश्व की नंबर एक टीम भारत ने दक्षिण अफ्रीका को उसी के घर में इतनी बड़ी सीरीज  हार की शर्मिंदगी झेलने के लिए मजबूर कर दिया ।  लगातार नए रिकॉर्ड गढ़ते जा रहे विराट ने अपना 35वां शतक जड़ा और अब वह सचिन तेंदुलकर के 49 शतक के विश्व रिकॉर्ड से मात्र 14 शतक दूर रह गए हैं। विराट ने इस सीरीज का तीसरा शतक और दक्षिण अफ्रीका दौरे का अपना चौथा शतक जड़ा। विराट ने 96 गेंदों की अपनी पारी में 19 चौके और दो छक्के लगाए। पिछले मैच के शतकधारी रोहित शर्मा के 15 रन बनाकर आउट हो जाने के बाद विराट ने शिखर धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। शिखर 18 रन बनाकर आउट हुए। विराट ने फिर अजिंक्य रहाणे के साथ तीसरे विकेट के लिए 126 रन की मैच विजयी अविजित साझेदारी की। विराट ने विजयी चौका मारकर 32.1 ओवर में मैच समाप्त कर दिया। रहाणे 50 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 34 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले मुंबई के 26 वर्षीय तेज गेंदबाज शार्दुल ने शानदार प्रदर्शन करते दक्षिण अफ्रीका को शुरुआत से ही झकझोर दिया। शार्दुल को इस मैच में भुवनेश्वर कुमार को विश्राम देकर मौका दिया गया जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने 8.5 ओवर में 52 रन देकर चार विकेट अपने नाम किये। शार्दुल ने ओपनर हाशिम अमला, कप्तान एडन मारक्रम, फरहान बेहर्डियन और एंडिले फेहलुवकवायो के विकेट निकाले। शार्दुल ने दक्षिण अफ्रीका के दोनों ओपनरों अमला और मारक्रम को 43 रन तक पवेलियन भेजकर मेजबान टीम पर ऐसा दबाव बनाया जिससे वह अंत तक उबर नहीं सकी। दक्षिण अफ्रीका के लिए संकट का सबब बने हुए लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने खतरनाक बल्लेबाज एबी डीविलियर्स को आउट कर रही सही कसर पूरी कर दी।  दक्षिण अफ्रीका की पारी के साथ यही समस्या रही कि उसकी पारी में एक भी मजबूत साझेदारी नहीं हो पायी।