पीएलपीए में संशोधन बिल के विरुद्ध हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सरकार को नोटिस


चंडीगढ़, 10 दिसम्बर (सुरजीत सिंह सत्त) : हरियाणा सरकार ने 27 फरवरी 2019 को विधानसभा में पंजाब भूमि परिसंरक्षण अधिनियम 1900 (पीएलपीए) में संशोधन का बिल पेश करके विधानसभा में सदन द्वारा पास किया जिसके बाद 11 जून 2019 को राज्यपाल हरियाणा ने भी इस बिल को स्वीकृति देकर पास किया। पीएलपीए के अंतर्गत क्षेत्रो में कोई निर्माण कार्य न करने व अवैध खनन को रोकने के लिए शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने इस संशोधन कानून को हाईकोर्ट में चुनोती दी जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्यन्यायधीश ने नोटिस कर 30 जनवरी 2020 को अगली सुनवाई के आदेश दिए है। अधिवक्ता अमित झांझी ने विजय बंसल का पक्ष माननीय न्यायालय में रखा। इसी के साथ माननीय न्यायलय ने सभी वन क्षेत्रों में किसी भी तरह की नॉन फारेस्ट एक्टिविटी न होने के भी आदेश दिए है। आरटीआई में प्राप्त जानकारी के अनुसार अतिरिक्त मुख्य सचिवए वन विभाग व तत्कालीन स्पीकर विधानसभा ने 20 अगस्त 2019 को कहा कि इस संशोधन बिल पर राज्यपाल की सहमति आना विचाराधीन है परन्तु माननीय राज्यपाल ने रिकार्डनुसार 11 जून 2019 को ही इस बिल को सहमति दे दी।