गुरुद्वारा करतारपुर साहिब कॉम्पलैक्स बना सांझ का केन्द्र


अमृतसर, 10 दिसम्बर (सुरिन्द्र कोछड़) : भारत व पाकिस्तान द्वारा संयक्त रूप से 9 नवम्बर को खोले गए करतारपुर गलियारे के चलते गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉम्पलैक्स पूरी तरह से भाईचारक साझ के केन्द्र में तबदील हो चुका है। गत दिवस 8 हज़ार के करीब पाकिस्तान मुस्लिम विज़टर गुरुद्वारा साहिब कॉम्पलैक्स में पहुंचे व उन्होंने भारत द्वारा पहुंचे सिख यात्रियों के साथ जहां यादगारी तस्वीरें बनवाई, वहीं धर्म, विरासत व सियासत को लेकर बिना रोक-टोक के विचार भी साझे किए। गुरुद्वारा साहिब कॉम्पलैक्स में पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से पहुंचे पाक नागरिकों ने ‘अमन के पुल’ की भूमिका निभा रहे करतारपुर गलियारे बारे ‘अजीत समाचार’ के साथ अपने विचार साझे करते हुए कहा कि यह गलियारा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच राजनीतिक व सीमावर्ती तलखियों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने बारे मीडिया व सोशल मीडिया पर किए जा रहे गलत प्रचार की निंदा करते गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए पहुंचे भारतीय यात्रियों ने बताया कि आनलाइन अप्लाई करने को लेकर पुलिस जांच व पाक टर्मीनल तक पहुंचने तक किसी किस्म की कोई परेशानी नहीं आ रही।
विभाजन के बाद बिछड़े परिवारों को मिला रहा गलियारा  : देश के विभाजन के दौरान बिछड़े परिवार जिनका मिलना सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमत होकर रह गया था, से रू-ब-रू होकर मिलने का सपना करतारपुर गलियारे ने साकार कर दिया है। गलियारे का रख-रखाव करने वाली फ्रंटीयर वर्कज़र् आर्गेनाइजेशन (एफ.डब्ल्यू.ओ.) के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुद्वारा कॉम्पलैक्स में पिछले सिर्फ एक सप्ताह में विभाजन समय बिछड़े 20 से अधिक परिवार आपस में मिले।
भारतीय यात्रियों को पैदल जाने की मिली छूट : पाक सरकार द्वारा टर्मीनल में इमीग्रेशन जांच करवाने के उपरांत भारतीय यात्रियों को पैदल गुरुद्वारा साहिब तक जाने की दी गई छूट के चलते बहुत सारे यात्री पैदल यात्रा करते हुए गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में पहुंच रहे हैं। यात्रियों के आराम के लिए दरिया रावी के पुल पर दो ठहराव भी बनाए गए हैं।
भारत व पाक यात्रियों के जोड़ा घर अलग-अलग : गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में भारतीय व पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अलग-अलग जोड़ा घर बनाए गए हैं। उनके अंदर जाने के लिए प्रवेश द्वार भी अलग है, जबकि अंदर जाने पर उनके आपस में इकट्ठे बैठने या बातचीत करने पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है।