विपक्ष द्वारा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा


धर्मशाला, 10 दिसम्बर (अ.स.) : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी विपक्ष ने हंगामा किया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी विधायक हर्ष वर्धन चौहान ने महंगाई के मुद्दे पर नियम 67 के तहत दिए नोटिस पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। इसी दौरान विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री भी अपनी बात कहने को खड़े हुए, लेकिन उनके खड़े होते ही सत्ता पक्ष की ओर से विधायक राकेश पठानिया ने भी प्वाइंट ऑफ  आर्डर की मांग कर दी। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों में विवाद आरंभ हो गया और दोनों पक्षों में इन्वेस्टर मीट को लेकर गर्मागर्म बहस शुरू हो गई तथा शोर शराबा शुरू हो गया। बाद में विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि इनवैस्टर मीट पर चर्चा का नोटिस कांग्रेस ने दिया था, लेकिन उसे पीछे कर दिया और भाजपा का नोटिस आगे कर दिया, जो विधानसभा की परंपरा के खिलाफ  है। उन्होंने इन्वेस्टर मीट को प्रदेश का सबसे बड़ा स्कैम भी करार दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष द्वारा इनवैस्टर मीट को लेकर दिए गए नोटिस की भाषा एक जैसी थी, इसलिए उन्होंने इस मुद्दे पर 130 के तहत चर्चा कराने का फैसला किया है। डॉ. बिंदल ने विपक्ष द्वारा पच्छाद उपचुनाव के दौरान भाजपा के प्रचार करने के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इस उप-चुनाव में यूगांडा में राष्ट्रमंडल पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने गए थे। बिंदल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सभी सदस्यों को बोलने का भरपूर मौका दिया है। ऐसे में उन पर किसी भी प्रकार का लांछन सहन नहीं होगा। डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि पीठ पर समय न देने का आरोप लगाना सरासर गलत है। हंगामे के बीच भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने इनवैस्टर मीट को लेकर नेता प्रतिपक्ष की भाषा पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि ऐसी भाषा हिमाचल में नहीं चलेगी। इस मुद्दे पर पठानिया और मुकेश के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच सीएम जयराम ठाकुर ने कड़े तेवर अपनाए और विपक्ष को हिमाचल को यूपी-बिहार न बनाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर चुनाव हारी है और विपक्ष के नेता अपने बूथ पर भी बढ़त हासिल नहीं कर पाए। उप-चुनाव में भी कांग्रेस की बुरी हार हुई है और धर्मशाला में उसकी ज़मानत जब्त हुई है। ऐसे में उसे थोड़ी शर्म आनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष को यह भी चेतावनी दी कि हिमाचल देवभूमि है और यहां के लोगों को सम्मान से जीने दें। विपक्ष का हंगामा आधे घंटे से अधिक समय तक चला और इस दौरान पूरा विपक्ष अपनी सीटों से उठकर सदन के बीचों-बीच पहुंच गया। इस दौरान कांग्रेस सदस्यों ने इन्वैस्टर मीट और महंगाई को लेकर बैनर भी लहराए और प्याज की मालाएं पहनकर नारेबाजी की। इसके बाद  पूरा विपक्ष नारे लगाते हुए सदन से वाकआउट कर गया। इस बीच विपक्ष द्वारा सदन में झंडे और बैनर लहराने और प्याज की मालाएं पहनने को लेकर व्यवस्था दी कि सदन के नियमों के अनुसार इस तरह की गतिविधियां अनुचित हैं।