आखिर सिरसा डेरा प्रमुख और हनीप्रीत की हुई मुलाकात


सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से यौन शोषण के आरोपों में दोषी ठहराये जाने के बाद जब उन्हें पंचकूला की सीबीआई कोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए सुनारिया जेल के लिए ले जाया जा रहा था तो हनीप्रीत डेरा प्रमुख के साथ ही जेल तक गई थी। डेरा प्रमुख की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत को अंदर जाने से रोक दिया गया था और डेरा प्रमुख को जेल भेज दिया गया था। 25 अगस्त 2017 को हनीप्रीत की पुलिस की मौजूदगी में डेरा प्रमुख से हुई उस मुलाकात के बाद दूसरी मुलाकात के बीच सवा दो साल से ज्यादा का समय लग गया। 
पुलिस ने हनीप्रीत पर पंचकूला में हिंसा भड़काने व तोड़-फोड़ सहित देशद्रोह का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार करके सेंट्रल जेल अम्बाला भेज दिया था। दो साल से ज्यादा जेल में रहने के बाद हनीप्रीत को पिछले महीने उस समय जमानत मिली जब अदालत ने हनीप्रीत पर लगे देशद्रोह के आरोपों को हटा लिया। जेल से बाहर आते ही हनीप्रीत निरंतर डेरा प्रमुख से मुलाकात करने के लिए प्रयासरत थी। सुनारिया जेल के अधीक्षक ने हनीप्रीत की अर्जी को सिरसा पुलिस के पास टिप्पणी के लिए भेजा तो पुलिस ने इस मुलाकात पर आपत्ति जताई थी। हरियाणा में अनिल विज के गृह मंत्री बनने के बाद परिस्थितियां बदल गईं और सिरसा पुलिस द्वारा हनीप्रीत की डेरा प्रमुख से मुलाकात के बारे में एनओसी दिए जाने के बाद आखिरकार हनीप्रीत की गुरमीत राम रहीम से मुलाकात हो गई। समझा जा रहा है कि अब डेरा प्रमुख के विभिन्न अदालती मामलों में पैरवी के लिए हनीप्रीत न सिर्फ भागदौड़ करेगी, बल्कि डेरे की गतिविधियों में फिर से तेजी लाने का भी प्रयास होगा।
विज का जलवा
हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य एवं स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज मौजूदा सरकार में काफी दमदार मंत्री माने जाते हैं। वह छठी बार विधायक चुनकर आए हैं और विधानसभा के वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं। गृह और सीआईडी का विभाग स्वतंत्र तौर पर अनिल विज को मिलने के बाद उन्होंने विभाग को चुस्त दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया है। वह शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कामकाज को भी पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत हैं। विज ने अपने अधीन आने वाले सभी विभागों को साफ हिदायतें दी हैं कि या तो अपने कामकाज का सुधार कर लो, या फिर उन्हें कोई दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा। विज जब से गृह मंत्री बने हैं उनके यहां पुलिस विभाग के विरुद्ध दिक्कतें और परेशानियां बताने वाले लोगों की लाईनें लगी रहती हैं। 
अब विज ने पुलिस व स्थानीय निकाय विभाग के सभी आलाधिकारियों को साफ-साफ निर्देश दिए हैं कि वे रोजाना एक घंटा जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें सुनें और उनका मौके पर हल किया जाए। विज ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि जो भी फरियादी उनके पास शिकायत लेकर आता है, उसकी शिकायत रजिस्टर में दर्ज करके पावती दी जाए ताकि भविष्य में लोग अपनी शिकायत की मौजूदा स्थिति व उस पर हुई कार्यवाही के बारे में जानकारी ले सकें। विज ने अपने पहले औचक निरीक्षण में पानीपत पुलिस की महिला सब इंस्पैक्टर सहित कुछ लोगों को निलंबित कर दिया था और अब करनाल नगर निगम के चार अधिकारियों सहित पांच लोगों को निलंबन के आदेश थमा दिए हैं। विज की कार्यप्रणाली से विभागीय अधिकारियों में हड़कम्प मचा है। विज का कहना है कि लोगों को सुधार का विज इम्पैक्ट नजर आना चाहिए, तभी बात बनेगी। 
भावुक हुए दुष्यन्त
जननायक जनता पार्टी का एक साल पूरा होने पर दुष्यन्त चौटाला अपने पैतृक गांव चौटाला में पहली बार हरियाणा के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद गए। गांव में उनके आगमन पर अभिनंदन समारोह रखा गया था। लोगों में काफी जोश और उत्साह था। इसी गांव से निकल कर दुष्यंत के परदादा चौधरी देवीलाल दो बार देश के उप-प्रधानमंत्री व दो बार मुख्यमंत्री बने थे। उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला भी अपने गांव से उठकर पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी रहे। उनके पिता अजय चौटाला को भी दो बार सांसद और तीन बार विधायक बनने का मौका मिला। उनकी माता नैना चौटाला भी दूसरी बार विधायक बनी हैं। उनके दादा के भाई व चाचा भी विभिन्न पदों पर रहे। दुष्यन्त देश का पहले सबसे कम उम्र का सांसद बनने और अब मौजूदा विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक और उप-मुख्यमंत्री हैं। गांव की मांगों का जिक्र करते-करते दुष्यंत अपने गांव के लोगों द्वारा दिए गए प्यार से काफी भावुक हो गए। उन्होंने आग्रह किया कि लोग गांव में जो इनडोर स्टेडियम बनाना चाहते हैं उसका नाम उनकी दादी के नाम पर रखा जाए। यह कहते-कहते दुष्यंत का गला भर आया और वह काफी भावुक नजर आये। वैसे इस बार चौधरी देवीलाल की दूसरी व चौथी पीड़ी ने एक साथ फिर से गांव के सिर सत्ता का सेहरा बांध दिया है।  
तबादलों का चक्कर
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों में दूसरे, तीसरे व चौथे दर्जे के कर्मचारियों का 15 दिसम्बर तक तबादला करने का अधिकार दे रखा है। इसी के चलते आज कल प्रदेश के सभी मंत्रियों, विधायकों व सांसदों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के छोटे-बड़े नेताओं के यहां भी तबादला करवाने व रुकवाने वालों का तांता लगा हुआ है। आज कल कोई कर्मचारी अपनी मनपंसद जगह पर तबादला करवाने के लिए तो कोई अपना पद बचाये रखने के लिए राजनेताओं के यहां नतमस्तक हो रहा है। 
जिस तरह से मंत्रियों, विधायकों व राजनेताओं के यहां भीड़ लगी हुई है, उससे साफ है कि 15 दिसम्बर तक मंत्री चाह कर भी अपने विभागों में कर्मचारियों के तबादले नहीं कर पाएंगे। मंत्रियों को तबादलों का अधिकार इसलिए दिया गया है ताकि सत्ता पक्ष के मंत्रियाें, विधायकों को अपनी सरकार होने पर सत्तासुख का एहसास हो सके। तबादलों वाला सिलसिला कब तक चलेगा, यह तो बाद में ही साफ हो पायेगा, लेकिन इतना साफ है कि आजकल तबादलों के चक्कर में सुबह-शाम राजनेताओं के यहां भीड़ जरूर लगी रहती है। 
मंत्री व चेयरमैन बनने की आस
हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार में मंत्रियों के दो पदों के अलावा प्रदेश के कई महत्वपूर्ण निगमों व बोर्डों में चेयरमैन के पद खाली हैं। इनेलो से दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री और अनूप धानक को राज्यमंत्री बनाने के अलावा रानियां से निर्दलीय विधायक व पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के पुत्र रणजीत सिंह को राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट स्तर का बिजली मंत्री बनाया गया है। चार अन्य निर्दलीय विधायक चेयरमैन बनाए जा चुके हैं। निर्दलीय विधायकों में से महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू और बादशाहपुर के निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद को अभी तक कोई पद नहीं मिला है। 
मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में 9 मंत्री भाजपा के हैं। इसके अलावा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर भी भाजपा के कोटे से हैं। मंत्रिमंडल में मंत्रियों के दो पद अभी तक खाली हैं और इनमें से कैबिनेट मंत्री का एक पद जजपा को मिलने वाला है। इसके अलावा प्रदेश के कई महत्वपूर्ण बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी भी जजपा को मिलनी तय है। जजपा के कई विधायक मंत्री और चेयरमैन पद पर आस लगाए बैठे हैं। अब मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और इसमें कौन-कौन मंत्री या चेयरमैन बन पाएंगे, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा, लेकिन इतना साफ है कि मंत्री पद पाने के लिए जजपा व भाजपा के कई विधायक काफी दौड़-धूप कर रहे हैं। 
मो. 98554-65946 
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