देश की दरपेश चुनौतियां के हल हेतु मीडिया प्रतिबद्धता के साथ काम करे : माणक


जालन्धर, 8 दिसम्बर (जसपाल सिंह): आज कुछ ताकतों द्वारा देश को सम्प्रदाय के आधार पर बांटने की घटिया कोशिशें की जा रही हैं। लोकतंत्र का गला घोंट कर मानवाधिकारों को हनन पहुंचाया जा रहा है। गरीबों, दलितों, मज़दूरों, किसानों व अन्य मेहनतकश लोगों के अधिकारों के हितों को कुचल कर लोगों में डर व सहम का माहौल पैदा किया जा रहा है और ऐसे माहौल में लोगों में चेतना पैदा करके इंकलाब लाने वाले मीडिया के भी एक हिस्से द्वारा अपनी जिम्मेवारी सही ढंग से न निभाए जाने कारण यह समस्याएं और गुंझलदार होती जा रही हैं। अधिकतर मीडिया अदारों पर कार्पोरेट घरानों व पूंजीपतियों द्वारा कब्जा कर लिए जाने कारण मीडिया की कारगुज़ारी सवालों के घेरे में आ गई है। परन्तु इस सबके बावजूद निराश होने की ज़रूरत नहीं है और हम अपने गौरवमयी इतिहास से सीख ले कर हर मुश्किल पर चुनौती का सामना कर सकते हैं। इन विचारों का प्रकटावा प्रसिद्ध पत्रकार सतनाम सिंह माणक ने आज यहां देश भगत यादगार हाल में तर्कशील सोसायटी द्वारा ‘देश के मौजूदा हालात पर पत्रकारी का रोल’ विषय पर करवाए गए एक सैमीनार दौरान करते हुए कहा कि हर नाज़ुक दौर पर लोगों को अपने समय का महाभारत लड़ना पड़ा है और आज भी लोगों को ऐसी ताकतों के खिलाफ खड़े होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के सामने अनेकों तरह की चुनौतियां हैं, जिनके हल के लिए मीडिया को अपनी जिम्मेवार पूरी प्रतिबद्धता से निभानी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने बुद्धीजीवियों, लेखकों व अन्यों चेतन्न लोगों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब बड़े ही तर्क के साथ दिए और सैमीनार हेतु प्रबंधकों की भरपूर प्रशंसा की। इस अवसर पर जसविंदर फगवाड़ा, हरमेश मालड़ी, रमेश चोहकां, सुरजीत टिब्बा, जिंदर बागपुर, बलविंदर बुल्लोवाल, सुरजीत गग व विजय राही ने भी देश और समाज को दरपेश अलग-अलग चुनौतियों पर खुल कर अपने विचार रखते हुए मीडिया को संतुलित पहुंच अपनाने और लोगों तक सच्ची सूचना देने की ज़रूरत पर जोर दिया। इस अवसर पर जिंद बागपुर, बिट्टू रूपेवाली, मनजीत सिंह मलसीयां, वेद प्रकाश सोनी व अन्य प्रमुख शख्सियतें भी उपस्थित थे।