तेज़ाब की खुली बिक्री में कैसे रुकेंगे एसिड अटैक


चंडीगढ़, 7 दिसम्बर (सुरजीत सिंह सत्ती): पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा व यू.टी. में तेज़ाब की बिक्री संबंधी नीति सही ढंग से लागू न करने के कारण सख्ती बरतते पूछा है कि यदि तेज़ाब की खुली बिक्री जारी रही तो एसिड अटैक की वारदातों के मामलों पर कैसे लगाम लगेगी। ऐसी टिप्पणी करते हुए जस्टिस राजन गुप्ता की बैंच ने की ज़ुबानी तलख टिप्पणी में यहां तक कहा है कि सरकार के उच्च स्तरीय अधिकारियों को कोर्ट में बुलाकर तेज़ाब पीड़ितों की हालत दिखानी पड़ेगी तो ही उनको पीड़ितों के दर्द का अहसास होगा। इन टिप्पणियों से पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के संयुक्त सचिव गृह को तलब कर लिया है तथा उनके द्वारा ही जवाब देने का निर्देश दिया है कि तेज़ाब की बिक्री संबंधी नीति को मुकम्मल तौर पर लागू क्यों नहीं किया गया। दरअसल वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने तेज़ाब की बिक्री संबंधी नीति बनाने के लिए कहा था तथा एक तेज़ाब पीड़िता द्वारा दाखिल एक याचिका की सुनवाई दौरान जब पंजाब व हरियाणा ने कहा कि तेज़ाब संबंधी नीति लागू कर दी गई है तो इस मामले के एमाइक्स क्यूरी ने बैंच का ध्यान दिलाया कि केवल मुआवज़े संबंधी निर्देशों का पालन हो रहा है परन्तु तेज़ाब किस तरह से बेचा जाना है तथा इस बारे कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।