डा. हमदर्द की ‘संवेदना’, ‘दास्तान’, ‘दर्द-ए-दिल’ व ‘जुगनू’ गज़ल एलबमें रिलीज़


सुखविंदर सिंह फुल्ल, गुरप्रीत सिंह लाडी, विजय भंडारी, नरेन्द्र अरोड़ा
बरनाला, 17 नवम्बर : प्रसिद्ध शायर स.स. मीशा की शायरी पर आधारित गायन की गजलों की चार एलबमों ‘दास्तान’, ‘संवेदना’, ‘दर्द-ए दिल’ व ‘जुगनू’ के रिलीज समारोह और ‘अजीत’ उप-कार्यालय संगरूर और बरनाला की 11वीं वर्षगांठ पर वाई.एस. कालेज हंडियाया के आडीटोरियम में करवाए गए प्रभावशाली समागम दौरान ‘अजीत प्रकाशन समूह’ के मुख्य सम्पादक डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द ने सम्बोधित करते कहा कि पंजाब का दूषित हो रहा पर्यावरण और पानी समेत दिन प्रति दिन बढ़ती आबादी एक गंभीर समस्या है, जिसके प्रति गंभीर यत्नों और इच्छा शक्ति की बहुत जरूरत है। मालवा में वायु और पानी के प्रदूषण को सभी जागरूक लोगों के लिए बड़ी सोचने वाली समस्या बताते डा. हमदर्द ने कहा कि हवा और पानी को दूषित होने से बचाने के प्रयास हमारे प्रत्येक के एजंडे में शामिल होने चाहिएं। उन्होनें बेबाकी के साथ कहा कि उपरोक्त समस्याओं को किसी भी सरकार ने गंभीरता के साथ नहीं लिया। गरीबी व बेरोजगारी जैसी सामाजिक समस्याओं को किसी न किसी रूप में बढ़ती जनसंख्या जैसे मुद्दों के साथ जुड़ी समस्याएं बताते डा. हमदर्द ने कहा कि समाज और सरकारों को इसकी तरफ गंभीरता के साथ सोचना चाहिए। संगरूर और बरनाला सहित समूचे मालवा क्षेत्र को गौरवमयी पंजाबी विरासत का पंघूड़ा बताते डा. हमदर्द ने कहा कि इस क्षेत्र की गौरवमयी विरासत और लगाव की बदौलत ही उन्होनें जालन्धर या चंडीगढ़ की बजाय यह एलबमें रिलीज करने के लिए बरनाला को प्राथमिकता दी है। उन्होंने ‘अजीत प्रकाशन समूह’ से संबंधित पत्रकारों की तरफ से लोगों में बनाया विश्वास और प्यार की चर्चा करते कहा कि ‘अजीत’ अपनी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ लोगों में अपना विश्वास ऐसे ही बरकरार रखेगा। डा. हमदर्द ने कहा कि हर व्यक्ति के अपने विचार होते हैं और किसी के विचारों के साथ सहमत होना कोई जरूरी नहीं होता, परंतु फिर भी पंजाबियों ने ‘अजीत’ के साथ जो विश्वास प्रगटाया है, वह ‘अजीत’ की बड़ी प्राप्ति है। डा. हमदर्द ने पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की सेवा के लिए ‘अजीत’ की प्रतिबद्धता दोहराते स्पष्ट किया कि पंजाब की बेहतरी के लिए ‘अजीत’ अपनी जिम्मेदारी पूरी बेबाकी और गंभीरता के साथ निभाता रहेगा। उन्होनें समागम में उपस्थित पूर्व मुख्य मंत्री बीबी रजिन्दर कौर भट्ठल, कैबिनेट मंत्री विजेइन्द्र सिंगला और पूर्व वित्त मंत्री परमिन्दर सिंह ढींडसा के साथ अपने पारिवारिक संबंधों की चर्चा करते पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा और मंडी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन मरहूम संत राम सिंगला के साथ लम्बे समय से दिली संबंधों को याद किया।
डा. हमदर्द के नेतृत्व में ‘अजीत’ गांवों की सत्थों की रौणक बना : भट्ठल
पूर्व मुख्य मंत्री और पंजाब योजना बोर्ड के उप-चेयरपर्सन बीबी रजिन्दर कौर भट्ठल ने अपने संबोधन दौरान कहा कि ‘अजीत’ डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द के नेतृत्व में आज पंजाब के गांवों की सत्थों की रौणक बन गया है। इस अखबार ने गरीबों, मजलूमों और औरतों के हक में जिस बेबाकी के साथ आवाज उठाई है। उस के लिए डा. हमदर्द और उनकी ईमानदार टीम मुबारकबाद की हकदार है। उन्होनें डा. हमदर्द को एक त्यागी और एक निडर मनुष्य बताते उनकी तरफ से पंजाब की बेहतरी के लिए राज्य सभा जैसी प्रतिष्ठित सीट छोड़ कर स्थापित किये नये कीर्तिमान का विशेष तौर पर वर्णन किया। 
 डा. हमदर्द की शिक्षाओं ने राजनीतिक सफर में चलना सिखाया : सिंगला
प्रदेश के शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजैइन्द्र सिंगला ने अपने संबोधन दौरान कहा कि डा. हमदर्द ने मेरे पिता श्री संत राम सिंगला जी के नजदीकी दोस्त होने के नाते जो शिक्षाएं मुझे दीं। वह मेरे जीवन में मेरी राजनीतिक कामयाबी का बड़ा स्रोत साबित हुई। उन्होंने डा. हमदर्द को एक निडर सम्पादक और पंजाबी गायकी का बड़ा स्तम्भ बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले दृष्टि और फिर पंजाबी ट्रिब्यून और अब ‘अजीत’ का सम्पादन करते हुए जिस प्रतिबद्धता के साथ पंजाबी पत्रकारिता की सेवा की है। उससे उनके व्यक्तित्व को परिभाषित करना मेरे जैसाें के लिए बेहद मुश्किल है।
उन्होंने करतारपुर में जंग-ए-आज़ादी के शहीदों की विलक्षण यादगार बनाने में निभाई अग्रणी भूमिका के लिए डा. हमदर्द का धन्यवाद करते कहा कि यह यादगार देश की जंगे आजादी में पंजाबियों के बलिदानों बारे आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का बड़ा स्रोत बनेगी। 
पंजाब को बचाने के लिए डा. हमदर्द की निस्वार्थ सेवाओं के आगे सिर झुकता है : ढींडसा
पूर्व वित्त मंत्री परमिन्दर सिंह ढींडसा ने डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द की तरफ से पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की रक्षा के लिए निभाई निस्वार्थ सेवाओं को सलाम करते कहा कि उन्होनें बहुत ही बेबाकी के साथ जहां पंजाब को पेश समस्याओं बारे सरकारों और राजनीतिज्ञों को सचेत किया, वहां पंजाब पर आई हर विपदा मौके अपनी अग्रणी भूमिका भी अदा की। डा. हमदर्द को अपने पिता समान बताते कहा कि वह एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था हैं।
डा. हमदर्द ने पत्रकारिता और गायकी की विलक्षण मिसाल पैदा की : चीमा
पंजाब विधान सभा में विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि डा. हमदर्द की बेबाक, इमानदारना और पंजाब परस्त पत्रकारिता के साथ-साथ अति खूबसूरत गायकी आज के व्यस्तताओं भरे दौर में लोगों के लिए विलक्षण प्रबंधन का पृथक सबूत है। उन्होनें डा. हमदर्द की मिठास भरी आवाज में गायकी की भरपूर सराहना की।
डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द ने हमेशा सही रास्ता दिखाया : बिट्टू
पनसप के चेयरमैन स. तेजिन्दर सिंह बिट्टू ने संबोधन करते कहा कि डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द ने जहां ईमानदारी और निडरता के साथ पत्रकारिता की है, वहां भारत की किसी भी शख्सियत ने उनसे सलाह ली, तो डा. हमदर्द ने हमेशा सही रास्ता दिखाया है। उन्होनें कहा कि डा. हमदर्द के जीवन बारे रौशनी डालना सूरज को दीया दिखाने वाली बात है। इस अवसर पर विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी, विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर, विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर और वाई.एस. स्कूल के डायरैक्टर वरुण भारती ने भी सम्बोधित किया। इसके अलावा उप-कार्यालय संगरूर के इंचार्ज सुखविन्दर सिंह फुल्ल की तरफ से सभी मेहमानों को सुस्वागतम कहा गया। समागम दौरान लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन रमेश मित्तल, परविन्दर सिंह बरमिंघम, परमवीर सिंह और हरप्रीत सिंह डायरैक्टर सर्व मल्टीप्लेक्स, डिप्टी कमिशनर बरनाला तेज प्रताप सिंह फूलका, एस.एस.पी. बरनाला हरजीत सिंह, विधायक सुरजीत सिंह धीमान, विधायक अमन अरोड़ा, पूर्व एम.पी. राजदेव सिंह खालसा, पूर्व विधायक  इकबाल सिंह झून्दा प्रधान जिला अकाली दल संगरूर, पूर्व मंत्री बलदेव सिंह मान, पूर्व मुख्य पार्लीमानी सचिव श्री बाबू प्रकाश चंद गर्ग, संत बलवीर सिंह घुन्नस, पूर्व विधायक बीबी हरचन्द कौर घनौरी, नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला के चेयरमैन  मक्खण शर्मा, जिला कांग्रेस संगरूर के प्रधान रजिन्दर सिंह राजा बीर कलां, शिरोमणि अकाली दल देहाती बरनाला के जिला प्रधान कुलवंत सिंह कीतू, हलका इंचार्ज भदौड़ सतनाम सिंह राही, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (विकास)  रजिन्दर बत्रा, एस.पी. रुपिन्दर भारद्वाज, नगर कौंसिल बरनाला के प्रधान संजीव शौरी, नगर सुधार ट्रस्ट संगरूर के चेयरमैन नरेश गाबा, शिरोमणि समिति सदस्य जत्थेदार बलदेव सिंह चूंघां, संत दलबार सिंह छीनीवाल, ज़िला परिषद के चेयरपर्सन बीबी सरबजीत कौर, सिख बुद्धिजीवी मंच पंजाब के प्रधान हरबंस सिंह शेरपुर, वाई.एस. ग्रुप के प्रधान प्रो. दर्शन कुमार, पूर्व सैनिक विंग के प्रधान इंजी. गुरजिन्दर सिंह सिद्धू, बार एसोसिएशन बरनाला के प्रधान एडवोकेट गुरविन्दर सिंह गिंदी, महंत प्यारा सिंह, समाज सेवी केवल सिंह वीनस, शिव सिंगला, डा. विपन गुप्ता, पूर्व चेयरमैन रुपिन्दर सिंह संधू, भाजपा के सूबा मीत प्रधान सुखवंत सिंह धनौला, अकाली नेता राजीव वर्मा रिम्पी, यादविन्दर सिंह बिट्टू दीवाना, रोकी बांसल, बुद्ध राम, तेजिन्दर सिंह सोनी जागल, बलविन्दर सिंह समायों, आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह संघेड़ा, कांग्रेसी नेता बीबी सुखजीत कौर सुखी, हैपी ढिल्लों, महेश कुमार लोटा, कुलदीप कुमार धर्मा, दीप संघेड़ा, प्यारा लाल राएसर, ‘आप’ के जिला प्रधान गुरदीप सिंह बाठ, अकाली दल (अ) के ज़िला प्रधान रणजीत सिंह संघेड़ा के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक, साहित्यक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।