सियासत गर्म : मंत्रिमंडल विस्तार में क्या होगा ?


ग्लोबल इनवैस्टर मीट के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं से प्रदेश की सियासत गर्म है। मंत्रियों के सरकार में बने रहने, विभागों के बदलने और नए मंत्रियों के शपथ लेने की चर्चाओं से भाजपा के विधायकों में बेचैनी है। मीडिया की सूचनाओं के अनुसार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल को लेकर प्रदेश के संगठन पदाधिकारियों से चर्चा की है। गत दिवस प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती और संगठन मंत्री पवन राणा के साथ मुख्यमंत्री ने मीटिंग कर चर्चा की है। इस बैठक में क्या तय हुआ कौन रहेगा, कौन जाएगा, कौन बनेगा, इस सब पर संशय बरकरार है। सूत्रों के अनुसार सशक्त दावेदारों में नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया, विधानसभा के अध्यक्ष राजीव बिंदल, पूर्व मंत्री रमेश ध्वाला और नरेंद्र बरागटा पद पाने की दौड़ में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शीघ्र ही संगठन  पदाधिकारियों से हुई चर्चा के बारे में हाईकमान को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री ने पार्टी के अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। तथापि विधायक लॉबिंग करने में जुटे हैं।
देव संस्कृति के नाम पर न पनपने दें अंधविश्वास
हिमाचल देव भूमि है, और यहां के कण-कण में देवताओं को वास है। हिमाचल के गांव-गांव के अपने देवता हैं और हर गांव में देव परम्परा के अनुसार देव संस्कृति की मान्यता है। देवताओं को मानने वाले लोग सरकारी नियम कायदों से कहीं अधिक देवताओं के आदेश का पालन करते हैं, लेकिन मंडी ज़िले के सरकाघाट में एक वृद्ध महिला के साथ घटी घटना ने देव संस्कृति के नाम पर प्रदेश को शर्मसार कर दिया है। ऐसा घिनौना कृत्य न किसी देव संस्कृति की मान्यता के अनुसार हो सकता है और न ही किसी सभ्य समाज में बर्दाश्त किया जा सकता है। 
सरकाघाट की घटना दिल दहला देने वाली है, जिसमें धर्म के नाम पर आपराधिक घटना को लोगों ने अंजाम दिया। वृद्ध महिला के साथ हुई इस अमानवीय घटना का सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है और आरोपियों को जेल की सलाखों में बंद किया है। हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया और महिला आयोग भी जागा। इस मामले में सारी कानूनी कार्रवाई और जांच चल रही है, जिससे अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता कि कैसे घटी घटना और दोषी कौन है, लेकिन इस घटना ने जहां प्रदेश को शर्मसार किया है, वहीं प्रदेश की जनता को जागरूक भी किया है। अब प्रदेश की जनता की जिम्मेदारी है कि वह अपने आस-पास देखे कि कहीं देव संस्कृति के नाम पर अंधविश्वास के जाल में लोगों को गुमराह करने का खेल तो नहीं चल रहा है। मंडी के सरकाघाट में घटी इस घटना में एक वृद्ध महिला पर जादू-टोना करने के आरोप लगाते हुए महिला के मुंह पर कालिख पोत और जूतों का हार पहनाकर गांव में घसीटकर दौड़ाते हुए दिखाया गया। मामला तब उजागर हुआ जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया के लोगों के पास पहुंचा। वृद्धा के साथ घटित घटना पूरी तरह अमानवीय थी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस जागी और मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ  कार्रवाई अमल में लाकर गिरफ्तार किया गया।
 सरकाघाट की गाहर पंचायत में वृद्ध महिला को डायन बताकर क्रूरता करने के मामले में गिरफ्तार सभी 24 आरोपियों की सरकाघाट कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द कर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  हाईकोर्ट ने भी मामले में कड़ा संज्ञान लिया और सरकार से एक सप्ताह के भीतर मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। देव समाज भी जागा है और वह नियमों में बदलाव कर रहा है। सर्व देवता समिति मंडी और रियासत काल की सुकेत सर्व देवता कमेटी ने इस बदलाव की कवायद शुरू कर दी है। देवता के नाम पर क्रूरता के मामले में सुकेत सर्व देवता कमेटी जल्द ही हिमाचल के पूरे देव समाज को एकत्रित कर बैठक करने जा रही है, जिसमें सभी मंदिरों का पंजीकरण, मंडल और उपमंडल स्तर पर करवाना अनिवार्य होगा। यह प्रयास सराहनीय है।
विपक्ष के नेता के हमलों से घिरी सरकार
कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ  प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ा है। कांग्रेस के आंदोलन के दौरान प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर और विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री हर ज़िले के प्रदर्शन में भाग लेकर सरकार को घेर रहे हैं। आंदोलन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सरकार पर गंभीर आरोप लगाकर हमला कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री के गृह ज़िले मंडी में आंदोलन के दौरान सरकार को घेरते हुए पूछा कि मंडी के कौन से सरदार जी हैं, जो मेडिकल के थर्मामीटर बेचने लगे। इसे लेकर अग्निहोत्री का सीधा हमला मुख्यमंत्री पर  माना जा रहा है। इसके साथ ही मंडी में हुए प्रदर्शन में अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर विकास को लेकर भेदभाव के आरोप भी लगाये। मुकेश अग्निहोत्री ने मंच से एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि वीडियो में दिख रहा है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सराज में सड़क बन रही है और जहां सराज की सीमा समाप्त हो रही है, वहां सड़क बनाना बंद कर दिया गया है। भेदभाव और भ्रष्टाचार के कांग्रेस के आरोपों का सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है जिससे सरकार घिरी नज़र आ रही है।