" करतारपुर साहिब "आनलाइन फार्म भरना श्रद्धालुओं हेतु बनी समस्या


बटाला, 16 नवम्बर (काहलों) : पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में शनिवार को नाममात्र ही वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का जो मुख्य कारण सामने आया है, वो यह है कि करतारपुर साहिब जाने के लिए आनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया कठिन है। इस प्रक्रिया को हर कोई श्रद्धालु पूरा नहीं कर पा रहा। कम्प्यूटर या मोबाइल से आनलाइन आवेदन करने पर फोटो की निर्धारित जे.पी.जी. साइज करने और पासपोर्ट की पी.डी.एफ. फाइल तैयार करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर श्रद्धालुओं को इस संबंध में पूरा ज्ञान ही नहीं हैं। अब श्रद्धालुओं ने इस फार्म को सही तरह भरने के लिए इंटरनैट कैफे की ओर रुख किया है। वहीं दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की इस परेशानी का कैफे चालक खूब फायदा उठा रहे हैं। आनलाइन आवेदन करने के लिए कैफे चालकों द्वारा 500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। 
फोटो का साइज व पी.डी.एफ. फाइल तैयार करना बना परेशानी
 करतारपुर साहिब जाने के लिए सरकार ने जो वैबसाइट दी है, उसमें सब सही जानकारी और निर्धारित फोटो साइज व पी.डी.फाइल तैयार करने पर ही आवेदन होता है। इनमें से एक भी चीज अधूरी रह जाने या सही न होने पर फार्म अधूरा ही रहता है और आवेदन नहीं हो पाता। फोटो का साइज  50 केबी से बढ़ गया तो फिर भी आवेदन नहीं होगा। इसी तरह पासपोर्ट की पी.डी.एफ. फाइल का साइज 500 केबी. से नीचे होना चाहिए।
 कैफे चालकों की चांदी
 श्रद्धालु हर हाल में गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करना चाहते हैं, इसलिए अधिकतर श्रद्धालुओं ने इंटरनैट कैफे की ओर रुख किया है। कैफे चालक भी श्रद्धालुओं की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे हैं और फार्म भरने के लिए उनसे 500 रूपए तक वसूले जा रहे हैं।
 पुलिस वैरीफिकेशन के लिए दिए जा रहे हैं पैसे
श्रद्धालु एक तरफ तो फार्म भरने की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी समस्या पुलिस वैरीफिकेशन की खड़ी हो रही है। श्रद्धालुओं ने बताया कि आनलाइन आवेदन हो जाने के बाद पुलिस कर्मचारी उनके घर में जांच के लिए आते हैं और  उनको 200 से 500 रूपए दिए जा रहे हैं।