पंजाब में धान की पराली जलाने के मामले 47 हज़ार के पार


पटियाला, 11 नवम्बर ( जसपाल सिंह ढिल्लों ) : एक तरफ उच्च न्यायालय भी सख्त है और दूसरी ओर सरकार द्वारा भी सख्ती कर प्रदेश में पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माने किए जा रहे हैं और कईयों पर रोज़ाना केस भी दर्ज हो रहे हैं। पंजाब रिमोट सैसिंग केन्द्र की ताज़ा रिपोर्ट जोकि 10 नवम्बर देर सायं तक दर्ज की गई, उसके मुताबिक राज्य में पराली जलाने के मामले 47361 तक पहुंच गई है। आंकड़े बताते हैं कि अब तक सबसे अधिक 6266 मामले ज़िला संगरूर ज़िले में सामने आए, 5294 मामलों के साथ बठिंडा दूसरे स्थान पर रहा, फिरोज़पुर ज़िला 4527 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर आया है। अन्य ज़िलों पर नज़र डाली जाए तो पटियाला में 3773, मानसा 3402, तरनतारन 3058, बरनाला में 2805, अमृतसर 1369, फतेहगढ़ साहिब 802, फरीदकोट 2095, फाज़िल्का 889, गुरदासपुर 1420, होशियारपुर 295, जालन्धर 1512, कपूरथला 1333, लुधियाना 2297, मुक्तसर 2696, नवांशहर 265, रोपड़ 123, मोहाली 221 मामले आग लगाने के दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य का एकमात्र ज़िला पठानकोट है, जहां केवल 4 स्थानों पर ही पराली जलाई गई। यदि अकेले 10 नवम्बर के आंकड़े देखे जाएं तो पंजाब इस एक दिन में 2145 स्थानों पर पराली जलाई गई। यदि देखा जाए तो सबसे अधिक इस दिन बठिंडा में 459, बरनाला में 231, संगरूर 250, मानसा 240, मोगा 197, मुक्तसर 169, अमृतसर 5, फतेहगढ़ साहिब 28, फरीदकोट 97, फाज़िल्का 18, फिरोज़पुर 55, होशियारपुर 4, जालन्धर 54,  कपूरथला 2, लुधियाना 172, नवांशहर 7, रोपड़ 5, मोहाली 3, तरनतारन 20 मामले पराली को आग लगाने के दर्ज हुए हैं। गौरतलब है कि 10 नवम्बर को गुरदासपुर व पठानकोट में कोई भी मामला आग लगाने का सामने नहीं आया।
सब्सिडी आधारित मशीनरी लेकर भी आग लगाने वालों की हो रही चर्चा
 यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर वह किसान भी आग लगा रहे हैं जिन्होंने सब्सिडी वाली मशीनें भी ले रखी हैं। हालांकि उन्होंने सब्सिडी वाली मशीनरी लेने मौके आग न लगाने के हल्फिया बयान भी कृषि विभाग को दिए हैं। ज़िलों से संबंधित अधिकारियों से मांग की जा रही है कि वह ऐसे किसानों के विरुद्ध भी कार्रवाई अमल में लाएं।