72 वर्षों से लटकते आ रहे एक वर्ष में हुए बड़े फैसले


लुधियाना, 9 नवम्बर (अ.स.): सन् 1947 में भारत व पाकिस्तान के हुए विभाजन के बाद पिछले 72 वर्षों से दोनों देशों की सरकारों में नफरत की जंग चली आ रही थी। विभाजन के बाद भारत व पाकिस्तान में खींची गई लीक के कारण सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी का जन्म स्थान पाकिस्तान में रह गया था जिसको लेकर सिख संगत पिछले 72 वर्षों से प्रात:-सायं अरदास कर पाकिस्तान व अन्य अपने धार्मिक स्थानों के खुले दर्शन दीदारे करने की अरदास करती आ रही थीं। जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान व नवजोत सिंह सिद्धू की दोस्ती के ज़रिये 9 नवम्बर को श्री करतारपुर गलियारा खुल जाने पर सिख संगत व गुरु नानक नाम लेवा संगत में खुशी की लहर है। श्री करतारपुर गलियारा को लेकर पिछले 10 माह से निर्माण के साथ-साथ नुक्ताचीनी की राजनीति भी हो रही थी परन्तु अंत 9 नवम्बर को दोनों देशों की सरकारों द्वारा श्री करतारपुर गलियारा का उद्घाटन करते राजनीति को विराम लगा दिया। जानकारी के अनुसार पिछले लगभग 72 वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर हिन्दू व मुसलमान भाईचारे के बीच चलते आ रहे विवाद का फैसला इसी दिन 9 नवम्बर को हिन्दू धर्म के पक्ष में आने पर यह मसला भी लगभग हल हो गया लगता है। तीसरा पिछले 72 वर्षों से भारत व पाकिस्तान विभाजन के बाद पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को अपना हिस्सा मानता आ रहा था परन्तु भारत में भाजपा की दोबारा सरकार आने पर जम्मू व कश्मीर में बसते लगभग 80 लाख मुसलमान भाईचारे आदि के लोगों को सरकार ने बड़ा फैसला लेते भारत का हिस्सा बना लिया है। 9 नवम्बर को हुए दो बड़े फैसलों में श्री करतारपुर साहिब का गलियारा खुलने पर सिख कौम व नानक नाम लेवा संगत में खुशी की लहर है तथा दूसरी ओर अयोध्या में राम मंदिर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के बाद हिन्दू धर्म में भी खुशी की लहर है। वर्णनीय है कि 9 नवम्बर को श्री करतारपुर गलियारा खुलने व अयोध्या में राम मंदिर बनाने का आया फैसला ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।