6.30 लाख में बेचा दसवीं का सर्टीफिकेट


अमृतसर, 16 अक्तूबर (गगनदीप शर्मा) : दसवीं का सर्टीफिकेट 6.30 लाख रुपये में बेचने का मामला सामने आने पर सेना के पूर्व जवान सहित दो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पासपोर्ट जांच दौरान इस हैरतअंगेज मामले से पर्दा उठा है। दरअसल यह मामला वर्ष 2000 से भी पहले का है। पैसों के लालच में सराएं अमानत खां, जिला तरन-तारन के रहने वाले कुलमीत सिंह ने अपना दसवीं का सर्टीफिकेट बेच दिया था। खरीददार मनजिंदर सिंह निवासी गांव टपियाला ने उसी सर्टीफिकेट के आधार पर पहले सेना में नौकरी हासिल की फिर कुलमीत सिंह के नाम से अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया। यहां तक कि उसने सेना में अपनी पूरी डिटेल कुलमीत सिंह के नाम से दर्ज करवा रखी थी। अब कुलमीत सिंह इस बात से बेखबर था। इसलिए उसने अपना पासपोर्ट अप्लाई कर दिया। पासपोर्ट कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा उससे कहा गया कि आपका पासपोर्ट तो पहले से बना हुआ है। परिणामस्वरूप उक्त दोनों में झगड़ा हो गया। करते-करते कुलमीत सिंह ने ज़िला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) अमृतसर देहाती को अपना सर्टीफिकेट चोरी होने और मनजिंदर द्वारा उसके सर्टीफिकेट का दुरुपयोग करने की शिकायत दे दी गई। पुलिस जांच शुरू हुई तो हैरानीजनक बात सामने आई कि खरीददार मनजिंदर सिंह फर्जी सर्टीफिकेट के आधार पर सेना में 16 साल नौकरी कर चुका है और अब वह सरकार से पैंशन भी ले रहा है। फिर यह बात भी सामने आ गई कि सर्टीफिकेट को लेकर दोनों में 6.30 लाख रूपये में सौदा हुआ था। एसएसपी अमृतसर देहाती द्वारा पासपोर्ट कार्यालय शहर में होने के कारण इस मामले को थाना छावनी में भेज दिया गया। छावनी पुलिस थाने के प्रभारी इंस्पे. सुखजिंदर सिंह ने बताया कि उक्त दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों के तहत मामला दर्ज करके आगामी जांच शुरू कर दी गई है।