कैमिस्टों के कारोबार पर एक और हमला


संगरूर, 9 अक्तूबर(सत्यम्) : देश में दवाओं का कारोबार करते कैमिस्टों के काम पर एक और हमला होने जा रहा है। देश के कैमिस्ट पहले ही दवाओं की हो रही ऑनलाईन बिक्री खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं पंरतु अब केन्द्र सरकार सर्दी, जुखाम, बुखार आदि के लिए प्रयोग की जा रही कई दवाओं की बिक्री संबंधी करियाना दुकानदारों को इजाजत दिए जाने पर विचार कर रही है, जिसको जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि सरकार बिना डाक्टर की पर्ची से बेची जा सकने वाली दवाओं को दो श्रेणियों में बांट रही है। ओ.टी.सी. 1 श्रेणी में वह दवाएं होंगी जो करियाना दुकानदार बेच सकेंगे। अे.टी.सी. 2 श्रेणी में वह दवाएं होगी जिनको रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही बेच सकेंगे। केन्द्र सरकार की इस योजना का सख्त विरोध करते हुए ऑल इंडिया कैमिस्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिन्द्र दुगल तथा पंजाब कैमिस्ट एसेसिएशन के सचिव राजीव जैन ने कहा कि ड्रग एंड कासमैटिक एकट अनुसार दवाओं की खरीद फरोख्त सिर्फ एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही कर सकता है। एक्ट अनुसार न तो दवाओं की ऑनलाईन बिक्री हो सकती है तथा न ही करियाना दुकानदारों को ऐसी इजाजत दी जा सकती है। कैमिस्ट नेताओं ने कहा कि करियाना वाले या मनियारी वालों को अगर इजाजत देनी ही है तो फूड प्रोडक्टस आदि बेचने की इजाजत दी जा सकती है अगर दवाओं की इजाजत दी जाती है तो इससे दवाओं का प्रयोग बढ़ेगा तथा इन दवाओं की आड़ में गलत दवाएं बेची जाएंगी।