संघर्ष के दिनों में मैगी खाकर गुजारा करती थी  रिद्धिमा तिवारी 


 अपने निरंतर काम और कड़ी मेहनत से इंडस्ट्री  में अपना नाम कमाने वाली अभिनेत्री रिद्धिमा तिवारी  अपने कमाल के अभिनय से लोगों का दिल जीत रही हैं। छोटे शहर से आने और इस इंडस्ट्री में कोई मेंटर न होने के कारण इस महानगर में जगह बनाना और भी कठिन हो जाता है। अभिनेत्री रिद्धिमा तिवारी एक ऐसा ही उदाहरण हैं जिन्होंने अपनी शर्तों पर और सालों तक कड़ी मेहनत से इस इंडस्ट्री  में अपनी पहचान बनायी है।  रिद्धिमा तिवारी कहती हैं, ‘मैं एक पत्रकार बनना चाहती थी और इस तरह मैं मुंबई आ गई लेकिन जल्द  ही अभिनय मेरी सही मंजिल बन गयी। एक सपोर्ट करने वाली मां होने के बावजूद, अपने पिता को इस बात के लिये मनाना बहुत ही मुश्किल काम था कि वह मेरे सपने को पूरा करने दें। यह मेरे लिये आसान नहीं था क्योंकि मैं मुंबई से नहीं हूं। मैंने कुछ दिनों तक मैगी और इडली खाकर अपने दिन गुजारे। बसों में, लोकल ट्रेनो में सफर करती थी, एक ऑडिशन से दूसरे ऑडिशन भागती थी और नहीं चुने जाने पर मेरा आत्म-विश्वास प्रभावित होता था। लेकिन मैंने खुद से वादा किया था कि पीछे मुड़कर नहीं देखना है और अपनी उम्मीद नहीं खोनी है। मैंने छोटी से छोटी भूमिकाएं स्वीकार कर ली, काफी प्रयोग किये, गलतियां कीं और खुद का आकलन किया। मैं हमेशा ही सेट पर अपने सीनियर्स को देखती थी और उनसे सीखती थी और इससे मुझे उस जगह पर पहुंचने में मदद मिली, जहां आज मैं हूं। अस्वीकृति इस प्रोफेशन का हिस्सा है और कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती है, मुझे अपने किसी चुनाव का कोई पछतावा या अफसोस नहीं है, जो मैंने प्रोफेशनल रूप में किया।